मैं अनुषा, उम्र 29 साल, गोरी, लंबी, 36-28-38 की फीगर है।हरीश कह रहा था- “ओह्ह्ह्ह… अनुषा, और चूस मेरा लण्ड, ज़ोर-ज़ोर से चूस इसको, बहुत दिनों से मैं, मेरा लण्ड तुझसे चुसवाना चाहता था ….



loading...

दोस्तों आज जो मै आप सभी को कहानी बताने जा रही हु उम्मीद है आप सभी को बहुत पसंद आएगा कैसे हम किसी को पटा के उससे चुदवा सकते है या फिर कैसे एक सरीफ दिखने वाली लड़की को आप अपना खड़ा लंड दिखा के उससे चोदने के लिए रेडी किया जाये. ये कहानी मेरे कार के मेकेनिक के साथ हुई सेक्स और मेरी वासना की है इसे आप जरुर पढ़े.

मैं अनुषा, उम्र 29 साल, गोरी, लंबी, 36-28-38 की फीगर है। अपनी नौकरी ज्वाइन करने से पहले, मेरे पति मेरे लिए एकदम नयी मारुती इस्टीम खरीद कर लाये। यह कार मेरे लिए बहुत उपयोगी बन गयी। मेरा पति ने मुझे ड्राइविंग सिखाया।

अब मैं अकेले ही कार ड्राइव करके बाजार, अपने बच्चों को स्कूल और सभी अन्य स्थानों के लिए जाती हूँ। सच बोलूं तो इस कार ने मेरी आजादी और अधिक बढ़ा दी। हमारे घर के सामने एक गेराज था। वहां हरीश नाम का एक मैकेनिक, 27 साल का जवान लड़का था। वह मेरे पति का बहुत ज्यादा सम्मान करता है क्योंकि मेरे पति ने गैरेज के लिए उसकी बहुत ज्यादा मदद की थी। जब भी मैं अपनी कार के लिए उसके गेराज में जाती हूं तो वह मेरे साथ ठीक से व्यवहार करता है।

लेकिन जब मेरे पति अपने काम के लिए चले गये तो मैंने मेरे प्रति हरीश के व्यवहार में कुछ बदलाव देखा। मैं जब भी वहां जाती तो उसने मेरे साथ मजाक करना शुरू कर दिया। मैं जब भी बोनट पर झुकती तो वह मेरी मेरी पोशाक के अंदर, ब्रा के अंदर देखने की कोशिश करता। मैं उसका इरादा समझी जरूर लेकिन इस सब पर ध्यान नहीं दिया।

मैं जब उसकी तरफ देख रही होती तो अक्सर वो पैंट के ऊपर से खुले तौर पर अपने लण्ड को मसलता। मैंने सोचा कि इसमें कोइ नुकसान है और कुछ भी नहीं कहा। इससे उसकी हिम्मत और बढ़ गई और काम के दौरान वो मेरे शरीर को छूने भी लगा। मैंने निर्णय लिया कि अब मैं उसके गैरेज में नहीं जाऊंगी और एक नया गेराज तलाश करूंगी।

तभी मेरे दोस्तों ने तय किया कि हमलोग रविवार को बाहर सैर के लिए जायेंगे। क्योंकी मेरे ग्रुप में केवल मेरे पास कार थी, इसलिये मैंने अपनी कार ले जाने की पेशकश की, यह शुक्रवार की सुबह थी। तब मुझे याद आया की कार का ए॰सी॰ काम नहीं कर रहा था और हेडलाइट कि भी समस्या थी। अब मेरे पास कोई विकल्प नहीं था, सिवाय हरीश के पास मरम्मत के लिए गाड़ी ले जाने के। मैंने उसे समस्यायें बताई और यदि आवश्यक हो तो हेडलाइट को बदलने के लिए कहा। 

desi kahani , hindi sex stories ,hindi sex story ,sex story , sex stories , xxx story ,kamukta.com , sexy story , sexy stories , nonveg story , chodan , antarvasna ,antarvasana , antervasna , antervasna , antarwasna , indian sex stories ,mastram stories

इस समय के दौरान मैंने अपने सारे शरीर पर उसकी आंखों को महसूस किया। उसने कहा कि कार 3:00 बजे तक ठीक हो जाएगी, और मुझे उसके बाद कार ले जाने के लिए कहा। मैं सहमत होते हुए अपने घर चली गयी। मैं ठीक 3:00 बजे उसके गैरेज में पहुँच गयी। यह एक शुक्रवार था, इसलिये वो अपने गैरेज में अकेला था। मुझे हरीश कहीं भी नहीं मिला। मैंने उसे 4-5 बार आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, तो अंत में मैं उसके कार्यालय-सह-कमरे में चली गई।

वहां मैंने उसे सिर्फ एक लुंगी और टी-शर्ट में फर्श पर सोते हुये पाया। मैं उसे फिर से आवाज देने वाली थी कि मैंने देखा की उसकी लुंगी एक तरफ हट गई थी और उसका लणड बाहर निकला हुआ था, जिसने मुझे रोक दिया। मेरी आवाज मेरे गले में फँस गई और मेरी धड़कन बढ़ऩी शुरू हो गई। उसका लण्ड एक झंडे की तरह खड़ा था जो लंबा और मोटा था और उसका सुपाड़ा प्री-कम से चमक रहा था।

मैंने उसे अपने लण्ड को सहलाते हुये कुछ फुसफुसाते सुना, तो मैं ध्यान लगाकर सुनने लगी की वो क्या कह रहा था और जो मैंने सुना, उसे सुनकर मैं चौंक गई। दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

हरीश कह रहा था- “ओह्ह्ह्ह… अनुषा, और चूस मेरा लण्ड, ज़ोर-ज़ोर से चूस इसको, बहुत दिनों से मैं, मेरा लण्ड तुझसे चुसवाना चाहता था और बाद में तेरी गुलाबी चूत चोदना चाहता था। आज तू मिली है तो पूरी भड़ास निकालूँगा इस बदन पे अनुषा…”

इसका मतलब था कि हरीश सपने में मुझसे सेक्स रहा था। उसकी कार्रवाई और शब्दों ने मुझे गर्म करना शुरू कर दिया। अब मैंने समझा और महसूस किया की मेरे बारे में उसके क्या विचार थे। हरीश अब अपने हाथ से अपना लण्ड सहला रहा था।

उसका खड़ा लण्ड देखकर मेरी चूत गरम होने लगी और चूचियों में खून तेज़ दौड़ने लगा। मैंने पाया की मेरे निपल्स खड़े हो गये हैं। मैंने आपने हाथों से पैंट के ऊपर से अपनी चूत सहलाई। मुझे ऐसा लगा की मैं अभी जाकर हरीश का लण्ड आपने हाथों में लेकर उसको सहलाकर चूस डालूं।

लेकिन बहुत देर तक उसको घूरने के बाद मैं अपने होश में आई तो कमरे से बाहर चली गई और फिर उसे बुलाना शुरू कर दिया।

मैंने कमरे से कुछ आवाज सुनी, इसका मतलब कि हरीश जाग गया है। अंत में हरीश उसी पोशाक में बाहर आया, मुझे देखकर मुस्कुराया और कहा- “सारी अनुषाजी, आज छुट्टी है ना तो काम करने के बाद मुझे नींद लग गयी। लेकिन आपकी कार के ए॰सी॰ का काम मैंने कर दिया है। आपको ज़्यादा टाइम तो नहीं रुकना पड़ा ना अनुषाजी?”

उसकी लुंगी के नीचे खड़े लण्ड को देखने से अपने आपको रोकते हुये मैंने कहा- “नहीं हरीश, मैंने बस 2-3 बार तुमको आवाज़ दी। अच्छा यह बताओ कि ए॰सी॰ में क्या प्राब्लम थी?”
हरीश ने कहा- “ए॰सी॰ के साथ गैस की समस्या थी, और कहा कि ए॰सी॰ का एक परीक्षण करने के बाद वो हेडलाइट की जाँच करेगा…”

V

मैंने उसका हाथ पकड़कर निवेदन करने की कोशिश की, लेकिन हरीश ने मेरी एक ना सुनी और मेरी जीन्स का बेल्ट खोलकर बटन और ज़िप खोल डाला जिसकी वजह से मेरी जीन्स पूरी उतर गयी। फिर नीचे बैठकर हरीश ने मेरी सैंडल और मेरी जींस को निकाल दिया। अब मैं सिर्फ अपने लाल जाँघिये के साथ सड़क के बीच में खड़ी थी।

जब मैंने अपनी नग्नता को अपने हाथों से छिपाने की कोशिश की तो हरीश ने मेरे जाँघिये की इलास्टिक में अपनी उंगलियां डालकर उन्हें नीचे खींच दिया और कहा- “अनुषा, तू नंगी होने में जितना ज़्यादा टाइम लगाएगी उतना ज़्यादा टाइम तुझे रोड पे नंगी खड़ा रहना पड़ेगा। तू जल्दी-जल्दी नंगी हो जा ताकि तुझे कार में सुला के मैं चोद सकूं…”

उसकी बात सुनने के अलावा मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं था, इसलिये मैंने स्तन से मेरे हाथ हटा लिये। तब तक हरीश ने मेरी पैंटी निकालकर मुझे पूरा नंगा कर दिया था। फिर उसने मुझे उससे थोड़ी दूर खड़ा करके मुझे छूना और मेरे नग्न शरीर पर टिप्पणी करना शुरू कर दिया।

आप इस दृश्य की कल्पना करें कि, एक जवान खूबसूरत लेकिन नंगी शादीशुदा औरत सड़क पे कार के बगल में खड़ी है और एक जवान लड़का उस औरत के मस्त बदन को छूकर और मसलकर उसको और उत्तेजित कर रहा है।

मेरे पीछे खड़े होकर हरीश ने मेरे चूतड़ों को थपथपाया और मेरी गाण्ड कि दरार में अपनी उंगली फिराई और कहा- “हाय अनुषा, यह तेरी गाण्ड कैसे उछल रही है, और यह चूचियां देख कैसे तन के खड़ी हैं, मुझसे चुसवाने और मसलवाने के लिए। अनुषा, मुझे तेरा यह जवान बदन 4 महीनों से सता रहा है। तेरा बदन देखकर तो मैं होश खो देता था। तू जब भी गेरेज में आती थी ना तो दिल करता था की तुझे वहीं पे नंगा करके चोद डालूं। तेरी चूचियां देखके तो मेरा लण्ड बेकाबू हो जाता था। आज तो मैं इतने दिनों की प्यास तुझे चोदके बुझाऊँगा…” इस समय के दौरान हरीश मेरे शरीर को देख रहा था, मेरी गाण्ड, चूचियां और चूत को महसूस कर रहा था।

मैं सिर्फ इस उलझन में खड़ी थी की मैं क्या करूं?

फिर हरीश ने अपनी पैंट खोली और अपने अंडरवियर को नीचे करके अपने गर्म लण्ड को नंगा कर दिया और अपने पैरों को कार के बाहर निकालकर पीछे की सीट पर बैठ गया। फिर मुझे अपने पैरों के बीच में खींच लिया और कहा- “अनुषा, यह ले मेरा लण्ड चूस पहले, बाद में मैं तेरी चूत चोदूंगा…”

मैं जानती थी कि मेरे कहने का कोई असर होने वाला नहीं है, इसलिये मैं सड़क पर नंगी घुटनों के बल बैठ गई और उसका विशाल लण्ड अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी और अपने मुँह से उसके लण्ड को चूमने और चाटने लगी।

उसका लण्ड भी बहुत बड़ा था जो मेरे मुंह में पूरी तरह से नहीं जा रहा था। हरीश ने मेरे सिर को पकड़ लिया और अब नीचे से मेरे मुँह को चोदने लगा और कहा- “हाय अनुषा, तेरा लण्ड चूसना तो तेरे बदन जैसा मादक है। लगता है बहुत लण्ड चूसे हैं तूने, ले और अंदर ले मेरा लण्ड और चूस-चूस के मेरा पानी निकाल…”
मैंने चूसना शुरू कर दिया और काफी देर तक तेज-तेज चूसती रही। तभी मैंने एक कार के आने की आवाज सुनी तो मैंने कार में जाने के लिये उठने की कोशिश की, लेकिन हरीश ने मुझे कसके पकड़ लिया और कहा- “चूसती रहो, चिंता मत करो…”

कार नजदीक आई तो मैंने देखा की उसमें दो आदमी हैं और मैंने सोचा कि ये रुकेंगे, लेकिन वो चले गये तो मैंने भगवान को धन्यवाद दिया।

ये सब टेंशन से मैं इतनी गरम हो गई थी कि बिना छुये ही झड़ने लगी।

हरीश मुझे कार में ले गया और फिर अपनी हथेली से मेरी चूत को महसूस करते हुये कहा- “अनुषा सही में तू एक मस्त औरत है, तेरा ऐसा मस्त जिस्म और तेरा लण्ड चूसना… मज़ा आ गया। अच्छा बोल अनुषा, दोपहर को मेरा लण्ड देखके तुझे कैसा लगा?”

एक बार झड़ने के बावजूद भी मैं बहुत गर्म थी तो मैंने हरीश को अपनी नंगी चूचियों पर खींचकर कहा- “हरीश, दोपहर को जब मैंने तेरा लण्ड देखा तो मैं शर्मा गयी, लेकिन जब तेरी बातें सुनी की तू मुझे नींद में चोद रहा है तो मेरे बदन में गरमी भर गयी और मेरे बदन की गरमी कितनी बढ़ गयी, इसका सबूत यह है की ज़िंदगी में पहली बार खुली सड़क पे क़िसी पराये मर्द ने मुझे नंगी किया है, और मेरे जिस्म से खूब खेला है। यह सब तेरा लण्ड देखकर ही हुआ है…”

मेरे निपल्स को मसलते, चिकोटते हुये हरीश ने कहा- “अनुषा, तूने मेरा लण्ड चूस के मुझे बहुत मज़ा दिया है, अब तू यह बता की मैं तुझे कहाँ और कैसे चोदूं?”

मैं नीचे झुकी और हरीश का लण्ड अपने मुंह में ले लिया और उसको चूमने और चूसने के बाद कहा- “हरीश, तेरा लण्ड पूरी ताकत से मेरी चूत में पेलकर और मेरी चूचियां मसलके, दबाके और चूसके इतना चोद की मुझमें चलने की ताक़त ना रहे राजा…”

मेरी दोनों चूचियों को मसलते हुये, अपने हाथ में मेरे कपड़ों को लेकर हरीश ने मुझे कार के नीचे उतारा, और कार को बंद करते हुये मुझे पास की झाड़ियों, पेड़ों में ले गया। मैं उसके बगल में नंगी ही चल रही थी और वो मेरे शरीर के साथ खेल रहा था। दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

जब हम जंगल में एक सुनसान जगह पर पहुंच गये तो हरीश ने वहाँ मुझे एक पेड़ के साथ खड़ा कर दिया और मेरे पैरों में बैठकर अपने हाथों से मेरी चूत को खोला और अपनी जीभ डालकर एक कुत्ते की तरह मेरी चूत चूसने लगा। पहले ये सब वो धीरे-धीरे कर रहा था लेकिन फिर वह पागलों की तरह मेरी चूत चूमने, चूसने, काटने लगा और मेरे चूतड़ों को दबाने लगा। मुझे खड़ा रहने में मुश्किल हो रही थी लेकिन हरीश ने मुझे बैठने नहीं दिया। अब उसने पीछे से मेरी गाण्ड में एक उंगली डाल दिया और साथ-साथ ‘गाण्ड में उंगली’ करना शुरू कर दिया।

मेरे लिये ये सब असहनीय था और मैं उसके ऊपर लगभग ढह गई।

हरीश ने मुझे अपने ऊपर लेते हुये एक जोरदार चुम्मा लिया और कहा- “अनुषा, तुझे चूत चुदवानी है ना… तो पकड़ मेरा लण्ड और डाल ले अपनी चूत में और चोद मुझे। मैं नीचे सोता हूँ और तू ऊपर से मुझे चोद…”

मैंने हरीश को कहने की कोशिश की कि वो मेरे ऊपर आकर मुझे चोदे, लेकिन उसने मेरी बात को सुना ही नहीं। तो आखीर में मैं उसके सीने पर बैठने लगी तो हरीश ने अपना लण्ड हाथ में पकड़कर मेरी चूत को धीरे-धीरे अपने उछलते लण्ड पर दबा दिया और मेरी गरम चूत ने उसको जकड़ लिया। धीरे-धीरे जैसे-जैसे उसका लण्ड मेरी चूत में घुसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।

मैंने उसका हाथ पकड़कर निवेदन करने की कोशिश की, लेकिन हरीश ने मेरी एक ना सुनी और मेरी जीन्स का बेल्ट खोलकर बटन और ज़िप खोल डाला जिसकी वजह से मेरी जीन्स पूरी उतर गयी। फिर नीचे बैठकर हरीश ने मेरी सैंडल और मेरी जींस को निकाल दिया। अब मैं सिर्फ अपने लाल जाँघिये के साथ सड़क के बीच में खड़ी थी।

जब मैंने अपनी नग्नता को अपने हाथों से छिपाने की कोशिश की तो हरीश ने मेरे जाँघिये की इलास्टिक में अपनी उंगलियां डालकर उन्हें नीचे खींच दिया और कहा- “अनुषा, तू नंगी होने में जितना ज़्यादा टाइम लगाएगी उतना ज़्यादा टाइम तुझे रोड पे नंगी खड़ा रहना पड़ेगा। तू जल्दी-जल्दी नंगी हो जा ताकि तुझे कार में सुला के मैं चोद सकूं…”

उसकी बात सुनने के अलावा मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं था, इसलिये मैंने स्तन से मेरे हाथ हटा लिये। तब तक हरीश ने मेरी पैंटी निकालकर मुझे पूरा नंगा कर दिया था। फिर उसने मुझे उससे थोड़ी दूर खड़ा करके मुझे छूना और मेरे नग्न शरीर पर टिप्पणी करना शुरू कर दिया।

आप इस दृश्य की कल्पना करें कि, एक जवान खूबसूरत लेकिन नंगी शादीशुदा औरत सड़क पे कार के बगल में खड़ी है और एक जवान लड़का उस औरत के मस्त बदन को छूकर और मसलकर उसको और उत्तेजित कर रहा है।

मेरे पीछे खड़े होकर हरीश ने मेरे चूतड़ों को थपथपाया और मेरी गाण्ड कि दरार में अपनी उंगली फिराई और कहा- “हाय अनुषा, यह तेरी गाण्ड कैसे उछल रही है, और यह चूचियां देख कैसे तन के खड़ी हैं, मुझसे चुसवाने और मसलवाने के लिए। अनुषा, मुझे तेरा यह जवान बदन 4 महीनों से सता रहा है। तेरा बदन देखकर तो मैं होश खो देता था। तू जब भी गेरेज में आती थी ना तो दिल करता था की तुझे वहीं पे नंगा करके चोद डालूं। तेरी चूचियां देखके तो मेरा लण्ड बेकाबू हो जाता था। आज तो मैं इतने दिनों की प्यास तुझे चोदके बुझाऊँगा…” इस समय के दौरान हरीश मेरे शरीर को देख रहा था, मेरी गाण्ड, चूचियां और चूत को महसूस कर रहा था।

मैं सिर्फ इस उलझन में खड़ी थी की मैं क्या करूं?

फिर हरीश ने अपनी पैंट खोली और अपने अंडरवियर को नीचे करके अपने गर्म लण्ड को नंगा कर दिया और अपने पैरों को कार के बाहर निकालकर पीछे की सीट पर बैठ गया। फिर मुझे अपने पैरों के बीच में खींच लिया और कहा- “अनुषा, यह ले मेरा लण्ड चूस पहले, बाद में मैं तेरी चूत चोदूंगा…”

मैं जानती थी कि मेरे कहने का कोई असर होने वाला नहीं है, इसलिये मैं सड़क पर नंगी घुटनों के बल बैठ गई और उसका विशाल लण्ड अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी और अपने मुँह से उसके लण्ड को चूमने और चाटने लगी।

उसका लण्ड भी बहुत बड़ा था जो मेरे मुंह में पूरी तरह से नहीं जा रहा था। हरीश ने मेरे सिर को पकड़ लिया और अब नीचे से मेरे मुँह को चोदने लगा और कहा- “हाय अनुषा, तेरा लण्ड चूसना तो तेरे बदन जैसा मादक है। लगता है बहुत लण्ड चूसे हैं तूने, ले और अंदर ले मेरा लण्ड और चूस-चूस के मेरा पानी निकाल…”
मैंने चूसना शुरू कर दिया और काफी देर तक तेज-तेज चूसती रही। तभी मैंने एक कार के आने की आवाज सुनी तो मैंने कार में जाने के लिये उठने की कोशिश की, लेकिन हरीश ने मुझे कसके पकड़ लिया और कहा- “चूसती रहो, चिंता मत करो…”

कार नजदीक आई तो मैंने देखा की उसमें दो आदमी हैं और मैंने सोचा कि ये रुकेंगे, लेकिन वो चले गये तो मैंने भगवान को धन्यवाद दिया।

ये सब टेंशन से मैं इतनी गरम हो गई थी कि बिना छुये ही झड़ने लगी।

हरीश मुझे कार में ले गया और फिर अपनी हथेली से मेरी चूत को महसूस करते हुये कहा- “अनुषा सही में तू एक मस्त औरत है, तेरा ऐसा मस्त जिस्म और तेरा लण्ड चूसना… मज़ा आ गया। अच्छा बोल अनुषा, दोपहर को मेरा लण्ड देखके तुझे कैसा लगा?”

एक बार झड़ने के बावजूद भी मैं बहुत गर्म थी तो मैंने हरीश को अपनी नंगी चूचियों पर खींचकर कहा- “हरीश, दोपहर को जब मैंने तेरा लण्ड देखा तो मैं शर्मा गयी, लेकिन जब तेरी बातें सुनी की तू मुझे नींद में चोद रहा है तो मेरे बदन में गरमी भर गयी और मेरे बदन की गरमी कितनी बढ़ गयी, इसका सबूत यह है की ज़िंदगी में पहली बार खुली सड़क पे क़िसी पराये मर्द ने मुझे नंगी किया है, और मेरे जिस्म से खूब खेला है। यह सब तेरा लण्ड देखकर ही हुआ है…”

मेरे निपल्स को मसलते, चिकोटते हुये हरीश ने कहा- “अनुषा, तूने मेरा लण्ड चूस के मुझे बहुत मज़ा दिया है, अब तू यह बता की मैं तुझे कहाँ और कैसे चोदूं?”

मैं नीचे झुकी और हरीश का लण्ड अपने मुंह में ले लिया और उसको चूमने और चूसने के बाद कहा- “हरीश, तेरा लण्ड पूरी ताकत से मेरी चूत में पेलकर और मेरी चूचियां मसलके, दबाके और चूसके इतना चोद की मुझमें चलने की ताक़त ना रहे राजा…”

मेरी दोनों चूचियों को मसलते हुये, अपने हाथ में मेरे कपड़ों को लेकर हरीश ने मुझे कार के नीचे उतारा, और कार को बंद करते हुये मुझे पास की झाड़ियों, पेड़ों में ले गया। मैं उसके बगल में नंगी ही चल रही थी और वो मेरे शरीर के साथ खेल रहा था। दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

जब हम जंगल में एक सुनसान जगह पर पहुंच गये तो हरीश ने वहाँ मुझे एक पेड़ के साथ खड़ा कर दिया और मेरे पैरों में बैठकर अपने हाथों से मेरी चूत को खोला और अपनी जीभ डालकर एक कुत्ते की तरह मेरी चूत चूसने लगा। पहले ये सब वो धीरे-धीरे कर रहा था लेकिन फिर वह पागलों की तरह मेरी चूत चूमने, चूसने, काटने लगा और मेरे चूतड़ों को दबाने लगा। मुझे खड़ा रहने में मुश्किल हो रही थी लेकिन हरीश ने मुझे बैठने नहीं दिया। अब उसने पीछे से मेरी गाण्ड में एक उंगली डाल दिया और साथ-साथ ‘गाण्ड में उंगली’ करना शुरू कर दिया।

मेरे लिये ये सब असहनीय था और मैं उसके ऊपर लगभग ढह गई।

हरीश ने मुझे अपने ऊपर लेते हुये एक जोरदार चुम्मा लिया और कहा- “अनुषा, तुझे चूत चुदवानी है ना… तो पकड़ मेरा लण्ड और डाल ले अपनी चूत में और चोद मुझे। मैं नीचे सोता हूँ और तू ऊपर से मुझे चोद…”

मैंने हरीश को कहने की कोशिश की कि वो मेरे ऊपर आकर मुझे चोदे, लेकिन उसने मेरी बात को सुना ही नहीं। तो आखीर में मैं उसके सीने पर बैठने लगी तो हरीश ने अपना लण्ड हाथ में पकड़कर मेरी चूत को धीरे-धीरे अपने उछलते लण्ड पर दबा दिया और मेरी गरम चूत ने उसको जकड़ लिया। धीरे-धीरे जैसे-जैसे उसका लण्ड मेरी चूत में घुसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।



loading...

और कहानिया

loading...
2 Comments
  1. tyagi
    September 10, 2017 |
  2. rakehs
    September 10, 2017 |

Online porn video at mobile phone


garmagarmsex nxnमॅ की पेलाइ की आवाज सुनाई देती थीjaanwar ke saath cudai ki kahani hindi meमम्मी की सेकसी रोमांटिक सहेली की हिन्दी कहानियांpriya ke gannd ke chudai ke kahani aur photo bhi xxx comwww khula chudai ki kahani com. randi bua ne chachi ka bhosada chudabaya sex storywww janvar sexy xivideo suoryइंडीयन सेक्स कहाणीAjnabi aadmise máa ki chudai story मरट वाकीसैकसिxxx hot sil tortehuexxx chut m ungali se mari mud hindixxx neethu . bhabi ne devae se kaha ki maja lelo devar ji indiansasu maa ko chood ker kiya pasine pasine tar video hindi me downloadजेठ जी सेकसी बीडीयोBAPBETI.KAMUKTA.DOT.COMhinde x kaniyasuhagrat hanimonsexporn ki kahanibihari sekshi khaniyaगांड क्सक्सक्स हिन्द स्टोरी बिग पेनिसkamukta makan malik ne rakhail banayabibi ki adlabdli chaude ke Leadulhan ki chut me land ghusai imagxxx kahine hindisax rane .com kahaneyaHOTE SAX KHANE HENDEchut chudaey xxxxxलड़की ने खुदका बूब्स दबायाdewar ne coda mote land se hindi xxxxx kahaniAntervasna sitoribane bhaei seex uradu khaeni mene apni chudai apnne bhai se karbai bathroom me karbai xxx in hindiसेकसी कहानीristo ki hindi kamukta.comhenbe sxx chubae kale lansmari chut ki aag dawar sa lamba land sa hindi chudai sex khaniyaनकली लड़ लड़की की चूत में हिन्दी सेक्स कहानियाँ mere birt day par babi cbudai xxx kahanipariwar me chudai ke bhukhe or nange logmaine apne sabase chote bhai ke wife choda xxxsex kahanima or bahen se sadi kar ke use choda kahanisexkahane henbeNEW URDU NOKRANE KO PAISE DAKAR SEX STORYSजीजा साली पहली चुदाई चने के खेतसेक्सी वाइफ एंड बहें की चुदाई सैट में स्टोरी इन हिंदीkahani.xxx.hi.चूदाई।भीड़।भाड़।लड़की।कीHinde.xxx.kahney.comsex kutte ne ladke ke sath kahaneAntervasna sitoriantarvasana hindi combhai bhin mummy papa gandi hindi sexy khanisexxybade97 SAL KI LADY KI CUDAI KI KHANIबेटे ने की माँ और बहन के साथ चुदाई कहानियाँsex dever ne bhabhi ki kapra kholkar boor choda kahani hindiBAHAN.NE.KUTTA.SE.GAND.KAHANIchudayiki sex stories. kamukta com. indian adult sex stories/tehno-science.ru/tag/page no 20 to 321/archiveजीजा के दोस्त ने कोडा जानाnonvegstoris..comsex pik kahani vargindaijest antrwasnamaa.xnxxx.beeteesexy gandi kahanisex kahaniyan in hindibhabiki saheliko choda hindi storychut dekho kya mangtiBODY MASASE BOOR CHUDAI KI KHANI IN HINDIwww hinde sex comxxx kahanyavidhva aantiyon ke xxx cuhudai kahaniyan ful hinde mReal sex stOries mera rape khut me chudwayaदेसी चोदई डकर बलीसतना की चूत की कहानी हिंदीxxxcom choti bhain hindi istorihindi kahani sexy chudail ruh but burSuman bhagni ko choda kahaniseal tod chudai bur ki boobs dba ke videoमोमय क्सक्सक्स १८ कॉमwww fakig onli pajabi randi ful sxs hindi mi batysexi bhabi ko nahate deka 14 age ke ladkey ne xxxकुत अौर लडंकी सेकसी voo ket me momi ki chody storiसोती हुई बहन की गांड मारी