Himanchali Mami Rupa Ki Kabz

 
loading...

सभी देसी कहानी पढ़ने वाले हरामी लड़कों और चूत की रानियों को राहुल का सलाम.

दोस्तों आज जो मैं कहानी लिखने जा रहा हूँ वो मेरी मामी के पेट की कब्ज से सम्बंधित है जिसके कारण मुझे उनकी पाद सूंघनी पड़ी और धीरे धीरे मैं उनकी पाद का आशिक बन गया.

मेरी मामी का नाम रूपा है जो हिमांचल के पहाड़ों में रहती है. उम्र लगभग 35 साल, रंग गोरा, होंट बड़े बड़े, आँखें डब्बे जैसी, स्तन बड़े आकार के, कूल्हे बड़े, बदन बहुत ज्यादा मोटा, एक दम गाँव की चिकनी गोरी मोटी ताजी कामुक सुडौल चमेली है मेरी मामी रूपा. मेरे मामा चुटिया प्रसाद देवू मुम्बई में धंधा करते हैं लेकिन मामी को यहीं गाँव में छोड़ा हुआ है.

मामी की एक छोटी लड़की है जिसका नाम निक्की है उसकी उम्र अभी मात्र 8 साल ही है लेकिन मेरी गन्दी नजर अभी से उस पर है. मामी घर में सूट और नीचे पैजामा पहनती है, मामी ब्रा नही पहनती, यहाँ गाँव की पहाड़ियों में कोई औरत ब्रा नहीं पहनती है. ब्रा न पहनने के कारण मामी के मोटे निप्पल के दर्शन सूट के बाहर से ही हो जाते हैं.

गाँव की औरत होने के कारण मामी मांग में सिंदूर लगाती है, कानों में झुमके, गले में बहुत सारे काले धागे और मंगलसूत्र पहनती है, हाथ में चूड़ियाँ, पैरों में घुँगरू, पेट में चेन डाली होती है. इन सब आभूषणों से मामी एक शादी शुदा संस्कारी औरत लगती है.

मैं गर्मियों की छुटियाँ बिताने हिमाचल मामी के घर आया हुआ हूँ, यहाँ का सुहाना मौसम मुझे बहुत भाता है, दिल्ली के लड़के को हिमांचल का ठंडा मौसम अच्छा ही लगेगा.

मामी की उम्र 35 साल होने के कारण मामी के मोटे कसे हुए बदन के प्रति मेरा आकर्षण बना हुआ है. जब मामी घर का काम करती है तो मैं उसे काम करते हुए देखता हूँ, वो जब झुक कर झाड़ू लगाती है तो उसके गोरे विशालकाय मम्मे के दर्शन हो जाते हैं जिससे मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है और पानी छोड़ने लगता है, जब वो पोछा लगाती है तो उसकी मोटी गांड देखकर मेरा मन डोलने लगता है, मन करता है अभी साली रांड को पकड़ कर गांड में लण्ड पेल दूँ, लेकिन रिश्ते का सम्मान करते हुए मैं रुक जाता हूँ.

निक्की स्कूल गयी हुयी है, मामी और मैं घर में अकेले हैं, मामी दिन के लिए जमीन पर बैठकर चावल साफ कर रही है. चुन्नी न होने के कारण उसके 70 प्रतिशत बूब्स सूट से बाहर झाँक रहे हैं, और लगभग 10 प्रतिशत काले निप्पल भी दिख रहे हैं और मैं बिस्तर से ये सब नजारा देख कर पागल हो रहा हूँ. मामी और मेरी गप्पे चल रही हैं.

मैं- मामी मैं कुछ मदद करूँ क्या?

मामी- नहीं तू रहने दे, मैं साफ कर लुंगी.

मैं- मामी एक सवाल पूछूँ?

मामी- हाँ पूछ ले.

मैं- मामा के बिना आपको गन्दा नहीं लगता अकेले अकेले?

मामी- अब आदत सी हो गयी है अकेले रहने की.

मैं- लेकिन अब आप चिंता मत करो, जब तक मैं यहाँ हूँ आपको बोर नहीं होने दूंगा.

मामी- अच्छा जी, वो कैसे?

मैं- हम खेल खेलेंगे, मुझे तरह तरह के खेल आते हैं.

मामी- क्या क्या खेल?

मैं- रेशलिंग, कब्बडी, कुश्ती, डांस सब कुछ, मैं आपको सिख दूंगा मामी सब खेल.

मामी- अच्छा जी. ये तो अच्छी बात है, ठीक है मुझे सिखाना सब, मैं चावल गरम करने रख दूँ उसके बाद हम खेलते हैं.

मैं- जल्दी करना मामी काम.

(मेरा लण्ड खड़ा हो गया है और पानी छोड़ रहा है, ये सोच सोच कर मेरा दिमाग खराब हो रहा है कि मैं इतनी मोटी, गोरी, सुडौल वक्ष वाली औरत अपनी मामी के साथ कुश्ती करूँगा तो शरीर घर्षण तो अवश्य होगा जिसका मैं पूरा फायदा उठाऊंगा और लण्ड से माल छोडूंगा, मामी चावल चूल्हे में रखकर आ जाती है)

मामी- चल राहुल, अब बता कौन सा खेल खेलना है पहले?

मैं- पहले हम कुश्ती करते हैं, इसमें एक दूसरे को पटकनी देनी होती है.

(मैं मामी को सारे खेल के नियम और खेलने का तरीका बता देता हूँ और हम कुश्ती शुरू करते हैं, हम बिस्तर पर कुश्ती शुरू करते हैं, मामी के बूब्स सूट से आधे बाहर लटक रहे हैं, निप्पल का उभार साफ दिख रहा है..

मेरा लण्ड झटके मार कर चिकनी मोटी ताजी मामी को सलामी दे रहा है, फिर हम कुश्ती शुरू करते हैं, मैं मामी को कस कर पकड़ता हूँ और पटकनी देता हूँ और बिस्तर पर पटक देता हूँ जिसकी वजह से मामी की पाद निकल जाती है और बदबू पुरे कमरे में फैल जाती है, मामी शरमा जाती है)

मैं- अरे मामी, छी छी छी छी…. कितनी बदबू मारी.

मामी- चुप कर तू…. पेट में कब्ज है मेरे. चल कुश्ती खेलते हैं.

(और हमने फिर कुश्ती शुरू कर दी और इस बार मामी ने मुझे पटक दिया और जोर से आवाज के साथ पाद छोड़ी और इतनी भयंकर दुर्गन्ध फैली जैसे भोपाल गैस त्रासदी हो गयी हो)

मैं- छी मामी क्या करती हो, कायम चूर्ण खाना आज, सारा कमरा सड़ा दिया, स्वर्ग जैसे हिमाचल को नरक बनाने का काम करती हो आप सही में.

मामी- हद से ज्यादा मत बोल राहुल, थप्पड़ मारूँगी गाल पर, झन्ना जायेगा यहीं समझ गया, तेरी माँ ने सिखाया नहीं कैसे बात करते हैं बड़ों से?

(मामी का गुस्सा देखकर मैं डर गया लेकिन मन ही मन मैं उसे गाली देने लगा, इसके बाद मामी ने अपनी गांड के छेद से फिर से एक जोर दार भोंपू बजाया और पाद मारी, और बस अब मुझे बहुत गुस्सा आ गया)

मैं- बहुत हो गया मामी, आप पाद मारे जाओ और मैं सूँगता जाऊं, ये कहाँ का न्याय है.

मामी- तो तू भी मार ले पाद, तुझे किसी ने मना किया है.

मैं- नहीं मेरा पेट साफ है, आपके पेट को सफाई की जरुरत है, कायम चूर्ण नहीं है क्या?

मामी- नहीं है.

मैं- तो फिर एक ही उपाय बचा. मुझे कब्ज ठीक करने आती है लेकिन शायद आपको ये तरीका पसंद न आये.

मामी- क्या तरीका है भांजे, कब्ज के लिए मैं सारे फॉर्मूले अपनाने को तैयार हूँ, तू बता बस.

मैं- उसके लिए पाद का पूरी तरह से बाहर निकलना बहुत जरुरी है और ऐसा तभी होगा जब आपके पीछे का छेद बड़ा होगा.

मामी- क्या बोल रहा है बेशर्म, शर्म कर थोडा.

मैं- मेने पहले ही बोला था कि आपको उपाय पसंद नही आएगा, कोई बात नहीं, इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, आपकी कब्ज की दिक्कत पूरी ज़िन्दगी भर रहेगी.

मामी- शुभ शुभ बोल बेशर्म. उपाय बता कैसे होगा छेद बड़ा, मेरा तो बहुत छोटा है.

मैं- इसके लिए मुझे आपके छेद का गहन अध्ययन करना होगा, आप मुझे छेद दिखाओ अपना पहले. मैं छेद देखने के बाद ही बता सकूँगा.

मामी- चल हटटट बदमाश कहीं का, तेरे सामने पैजामा कैसे उतारूँ मैं, मुझे शर्म आती है.

मैं- तो फिर शर्म करते रहो मामी, आपकी कब्ज कभी दूर नहीं होगी.

मामी- अच्छा अच्छा ठीक है, लेकिन पहले दरवाजा बंद करदे कोई आएगा तो ठीक नहीं लगता.

(मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था, मेरी अनपढ़ मामी मान गयी, मेने दरवाजा बंद किया और मामी ने अपना पैजामा उतरा, दोस्तों क्या बताऊँ, मामी के मोटे पैरों में जांघ तक हलके हल्के बाल हैं जो मामी की गोरी मोटी सुडौल मख़मली टांगों की शोभा बढ़ा रहे हैं, पिछवाड़े में एक काला तिल है जो मामी की गांड को गन्दी नजर से बचा कर रखता है, मामी गांड फैला कर उलटी लेट गयी है)

मामी- जल्दी छेद बड़ा कर मेरा ताकि कब्ज दूर हो.

मैं- मामी अपनी टाँगे और चौड़ी कर, छेद दिख नही रहा है.

(मामी ने गांड चौड़ी करी तो एक छोटा सा छेद मुझे दिखा जिस में मामी का थोडा सा मल लगा हुआ है और मामी के छेद से बहुत ही गन्दी दुर्गन्ध आ रही है लेकिन अब वही जानलेवा दुर्गन्ध मुझे खुशबु सी लगने लगी. मेरे नाक में प्रवाहित होकर दिमाग में वो खुशबू बस गयी और अब मेरे अंग अंग में उसका जादू चढ़ गया, एक नशा सा जैसे अफीम में होता है वैसा ही नशा मामी की गांड के छेद से आ रही बदबू से मुझे चढ़ गया, मेने अपनी 1 ऊँगली मामी की गांड के छेद के अंदर डाली और फिट करदी और मामी की चीख निकल गयी)

मामी- हाये… अह्ह्ह्हह्ह क्या करता है भांजे…

मैं- ऐसे ही उलटी लेती रह तू मामी, सुराख बड़ा कर रहा हूँ ताकि पाद ज्यादा मात्रा में निकले.

मामी- ओहह्ह्ह्हह्ह कर करररर….

(मेने ऊँगली बाहर निकाली तो मामी को आराम मिला)

मैं- अब जरा पाद तो मामी, कितनी निकल रही है देखता हूँ.

मामी- तूजे कैसे पता चलेगा रे?

मैं- सूंघकर, तू पाद तो मार.

(मेने अपनी नाक मामी की गांड के छेद के बिलकुल करीब लगा दी जिससे पाद सूंघने में आसानी हो, मामी ने जोरदार पाद मारी पुरर्रर्रर्रर्रर्रर्र.. जिसकी हवा मेरे नाक में प्रवाहित हुयी और मुझे बहुत ही मजा आया)

मैं- अह्ह्ह्ह्ह, वाह्ह्ह्ह्ह…

मामी- क्या हुआ रे, वाह्ह क्यों कर रहा है, पाद अच्छी लगी क्या? ज्यादा आई या कम?

मैं- हाँ मामी अच्छी लगी, अभी कम आई, अब में तेरे छेद में दो ऊँगली डालूँगा तब देखते हैं कितनी आती है.

मामी- डाल डाल…जल्दी डाल.. आज कब्ज दूर नही करी तो तुझे रात भर पाद सुँघाऊँगी.

मैं- सुंघा देना मामी, आशिक हो गया मैं तेरी पाद का आज तो.

मामी- हाये रे, कितना हरामी है तू, बदमाश कहीं का.

मैं- वो तो मैं बचपन से हूँ मामी.

(इसके बाद मैं दो उंगलिया गांड में डालता हूँ और पाद सूंघता हूँ, ऐसे करते करते एक बारी 4 उंगलिया डालता हूँ और जोरदार पाद का बफका सूँगता हूँ)

मामी- उफ्फ्फ्फफ अब दर्द होने लग गया, साड़ी उंगलिया डाल दी तूने, अब कुछ फर्क पड़ा क्या?

मैं- मामी पाद ज्यादा तो आई लेकिन उतनी नही जितनी मैं चाहता था, कब्ज अभी दूर नहीं हुयी है.

मामी- तो अब कैसे होगी कब्ज दूर, चारों उंगलिया तो डाल दी तूने.

मैं- एक ऊँगली बची है मामी.

मामी- कौन सी?

मैं- अभी डालता हूँ लेकिन तू आँख बंद कर दे और उठना मत और न ही पीछे देखना वरना कब्ज जिंदगी भर दूर नहीं होगी और तू हिमांचल की वादियों को ऐसे ही सड़ाती रहेगी.

मामी- नहीं देखूंगी तू डाल दे 5वीं ऊँगली भी.

मैं- ठीक है मैं 5वीं ऊँगली भी घी में डालता हूँ.

(मेरा लण्ड बिलकुल रोड की तरह खड़ा था जिसको किसी भी हालत में छेद चाहिए था, मेने अपना पैजामा खोला और खड़े लण्ड में थूक लगाया और मामी की गांड के छेद में डाल दिया जिससे मामी की चीख निकल गयी)

मामी- हाये मा…गयी मैं तो…. कितनी बड़ी ऊँगली है ये तेरी, कहाँ सम्भाल के रखा था इसे?

मैं- अह्ह्ह्हह्ह तू ऐसे ही रह… अब मैं ऊँगली अंदर बाहर करूँगा, तुझे दर्द होगा लेकिन घबराना मत, अगर घबरा गयी तो कब्ज दूर ना होगी समझ ले और न ही पीछे देखना.

मामी- उफ्फ्फ्फफ दर्द हो रहा है अभी से भांजे, जो भी करना है जल्दी कर लेकिन कब्ज दूर करदे.

(मेने अपना लण्ड अंदर बाहर करना शुरू किया, मामी ने सिसकारियाँ और आहें भरनी शुरू करी, मेरी चुदाई की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी थी, मेरी रफ़्तार में धीरे धीरे बढ़ोतरी हो रही है और मामी की सिस्कारियों में, मैंने तेज़ तेज़ झटके मारने शुरू किये)

मैं- अह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह ओये ओये मामी आह्ह्ह्ह बस हो गया आह्ह्ह्ह अह्ह्ह

मामी- जल्दी कर, अह्ह्ह्ह्ह मार दिया इस लड़के ने तो आह्ह्ह्ह हाये मा, गयी मैं, मर गयी आज्जज्जज्जज्जज.. उफ्फ्फ्फ उम्मम्मम्मम्म..

मैं- अह्ह्ह्ह्ह बस्स्सस्स हो गया मामी अह्ह्ह्ह… उफ्फ्फ्फफ मार डाला अह्ह्ह्ह….

(चोदते चोदते मैं मामी की गांड में झड़ जाता हूँ और सारा वीर्य मामी की गांड के छेद के अंदर छोड़ देता हूँ और लण्ड बाहर निकलता हूँ और नाक मामी की गांड के छेद में रख देता हूँ और पाद का बेसब्री से इंतज़ार करता हूँ)

मैं- मामी पाद, जल्दी पाद मामी, मेरी नाक इंतजार कर रही है गैस का, जल्दी मामी, जल्दी, फ़ास्ट, कम ऑन मामी….

मामी- आने वाली है भांजे, नाक लगा छेद में, जल्दी आई आई आई आई

( पुर्रर्रर्रर्रर्र पुर्रर्रर्रर्रर्रर्र पुर्रर्रर्रर्रर्रर्रर्र पुरर्रर्रर्रर्रर्रर्र और मामी ने जोरदार पाद मारी जिसकी आवाज़ में भी गर्जन है और खुशबू में भी भारी महक जिसे सूंघकर मेने स्वर्ग की अनुभूति हिमाचल में ली, मेरे लण्ड में भी मामी का गू लगा है, उँगलियों में भी जिसे मेने चाट कर साफ कर दिया, मामी अपनी इस जोरदार पाद से बहुत खुश हुयी और पीछे पलटी तो मेरे लण्ड को देखकर चौंक गयी)

मामी- हाये दय्या, ये क्या, बेशर्म, क्या किया तूने मेरे साथ, 5वीं ऊँगली यही थी क्या?

मैं- हाँ मामी, लेकिन इसकी वजह से तेरी कब्ज निकल गयी, तुझे इसका सम्मान करना चाहिए.

मामी- हाये रे, इतना बड़ा लुल्ला है ये, तुझे शर्म नहीं आती क्या?

मैं- तू भी तो गांड खोलकर उलटी बैठी थी मेरे सामने तुझे शर्म नहीं आती क्या, बेशर्म औरत.

मामी- तमीज से बात कर राहुल, बत्तमीज कहीं का.

मैं- चुप रांड साली, गांड का छेद चुदवाती है भेन की लौड़ी, मुझे बेशर्म बोलती है.

मामी- मादरचोद मेरे घर में मुझे गाली देता है साले.

मैं- हाँ माँ की लोड़ी तुझे देता हूँ, चिनाल कहीं की, रंडी औरत, वैश्या साली, भेनचोद.

मामी- तेरी माँ की चूत साले राहुल, तेरी बहिन की चूत हरामी.

मैं- गाली देती है बहिन की लौड़ी, तेरी माँ का भोसड़ा.

(और मैं मामी को थप्पड़ मारता हूँ और उसका सलवार फाड़ कर उसके दूध को आजाद कर देता हूँ, काले खड़े बड़े निप्पल देखकर मुझे कुछ होने लगता है और मैं उसे पकड़ कर जबरन उसकी चूत में लण्ड पेल देता हूँ, वो गाँव की अनपढ़ विरोध करती है लेकिन मेरी ताकत के सामने वो असफल हो जाती है, अब मेरा लण्ड गोरी मोटी ताजी सुडौल मामी की चूत के अंदर समाया हुआ है, और मेने चुदाई शुरू कर दी, मामी की आँखों में आंसू हैं और एक गाल लाल हो गया है जिसमे मेने थप्पड़ जड़ा है, वो रो रही है और मैं पागलों की तरह चुदाई कर रहा हूँ)

मामी(रोते हुए)- हरामी, बदमाश, एक नम्बर का कमीना, साले तेरी माँ को बताउंगी क्या किया तूने मेरे साथ अह्ह्ह्ह्ह… छोड़ मुझे अह्ह्ह नाहीईई उईईईईई…

मैं- मामी, मेरी जान, आज चोद लेने दे अपने भांजे को, रोक मत, आज तू भी मजे ले मेरी रांड.

मामी- अजह्ह्ह्ह्ह नही नहीं रुक जा अह्ह्ह्ह उईईई, हाय अम्मा गगयी ईईई मैं तो….

(अब मामी को पता चल गया की मेरी ताकत के सामने उसका कोई वश नहीं चलने वाला तो वो भी मेरा साथ देने लगी, हम चुदाई कर रहे हैं, मेरी मोटी मामी चुदाई के साथ साथ उछल रही है जिसकी वजह से उसकी चूड़ियाँ खनक रही है, मैं कभी उसके गले में चूम रहा हूँ कभी उसके स्तन में, उसके गले के काले धागों को अपने मुह में भर रहा हूँ, कभी मंगलसूत्र को चूम रहा हूँ, मामी के पैरों में भी काले धागे बंधे हैं जो गोरे मोटे मोटे पैरो की शोभा बढ़ा रहे हैं, अब हम दोनों मस्ती में चूर हो गए, साँसे तेज चलने लगी, और चुदाई की रफ़्तार भी तेज़ हो गयी)

मामी- अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह भांजे, तेज़ तेज़ और तेज़ भांजे, गईईईईईई उफ्फ्फ्फ्फ हाये मम्मी, बचाओ पापा जी उफ्फ्फ्फ्फ, मार दिया रे इसने तो…हाये भांजे अह्ह्ह्ह्ह

मैं- मामी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी रानी, मेरी रांड, मेरी बीवी, भेनचोद में झड़ने वाला हूँ,, अह्ह्ह्ह्ह, आया आया या या या अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ ओये होये आया अह्ह्ह्ह

मामी- भांजे, बाहर झड़ना, वरना गोद भर जायेगी मेरी, अह्ह्ह्हह्ह् बाहर झड़ना भांजे अह्ह्ह्ह्ह चोद चोद तेज़ तेज़ चोद अह्ह्ह.

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कोममेंट सेक्शन में जरुर लिखे.. ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

(मामी और भांजे की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा और अंतिम चरम पर पहुच कर मैं मामी की चूत में ही झड़ गया और मामी भी साथ साथ झड़ गयी, हम दोनों ने पानी छोड़ा, और एक दूसरे से लिपट गए, एक दूसरे को चूमने लगे, जीभ से जीभ मिलाने लगे, अचानक मामी ने एक जोरदार आवाज के साथ पाद मारी और हम ऐसे ही पड़े पड़े हंसने लगे, फिर मेने रात भर मामी की पाद सूंघी और रात भर अपना मुह मामी की गांड के अंदर दबोच कर सोया रहा)



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


सेक्सी मस्त राम कहानिया कॉमबहन के चुदाईw.w.w. antaravsna saga sagi me sex majburi me sexy kahani hindi maykamkuta anti hindi sex khata.comxxx.sangeeta.ki.bur.ki.khanixxx storey hindi kubre girl kesex 2050 kahani beti ko bap ne chodamabete ka xxx kahaneeचूतनदी के किनारे पति से चुड़ै करवायाचोदाई मजेदार की कहानीwww.madhvi bhadhi.xxx.comगाँड मरवाने की स्टोरीkamuktabhai bahan hindi kahanimom san hindi new sexi khani hindi sabdo mecg dehati bhabhi ke muh me jabardasti land chusaya hd videos sexximombhabhixxx ससुर बाहु मराठी कामुकता डाट काम बहन की चुदाईxxx hindi storyapni galfrined kisi seexchange porn.combhatiji ko choda marathi choda chodi kathaanterwasna hindi storieskamuktasexkahaniaxxx sexy hindi kahaniबहान।चूत।लड।डालकिरण भाभी की बालों वाली बुरnokrane ky chutmy brp dalkr budai ke free indyn hot dysi bhai se apni chut kee seal turwai d combahu chut sasur ka lund vedos downloadमम्मी की मोती या chudakd gand की jabrdst चुदाईgandi desi kahanixxx.meri maa aur karim uncalmaa ne babhi ko chudne ke liye taiyaar kiya sex stories hindibua ki sadi suda beti ko ma banayasex stories hindiwww.lambe land se chut fad sex hindi stori.comXxx BF A कहानी फोटो के साथचुत फाड कहानी झाट वालीapni freind poonam ko choda sex storybhai behan ki BF sex Jabardasth phone wali bhai kya kar rahe ho aap sister Lagti Hoहिनदी सेकसी कहानियाँRajshrmachudainaee.chut.ki.six.kahaniXxx kahani of momJija salhaj chudai hindi storykamuktayoga karte xxx kahani hindiaudioantarvasna.combur ki chodai ka kitabJod jabsti bfxxxxx indianHIND SEXY kahniya xxx hind mesutele baap se randi ki tarah chudixxx khani pdni haixxxkhanimomwww.kamukta.dot comChota bhai bdi bhan by kamukta.comLand hilane ki training Dene vaali medam in hindi porn videos marhti bahi bahnsixi.kahtapti ptni ki sxsi khaniyaहिंदी सेक्स स्टोरी मेरी मम्मी बानी मेरे दोस्त के पापा रखेल89.sxe.बाराबंकीबड़ी आंटी की चुदाई कहानीहिदि सेकस कहानिkamukta.comxnxx सुंदर लड़की बड़ा tite ओमदोस्तों से चुदाती बहन ने गाली दीलड बुर मे गयाsadi me sasur ne choda chudai ki kahanima ke chut mare storysexy bur kahani hindibehen ko bahar le jakar chodanandoi ne choda in hindiसोते समय बहन को चोदा सेक्स विडीवो मराठीwww xxx stories हिंदी मे आँटी our चाची एक दुसरे से नकली लंड सेक्स करते छुप के देखाmammi ki chudai khanichudkd familyantarwasna hindi storiMami k phudi mari xxx kahaniबरसात सेक्स हिँदि कहाणिkamlela sex kahaniysexy hot xxx chut kahanimaine apne pap se tel malish karvai fir chudai stories in hindi with pickamukta storyसावित्री सेक्सी हिदीकहानी माँ 41साल बेटा सेक्स behen ko choda page 33 sixy kahani